मध्य प्रदेश के से एक ऐसी शादी की कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सतना सेंट्रल जेल में पदस्थ सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। यह विवाह 5 मई को में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुआ।

जेल में हुई थी पहली मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, फिरोजा खातून की मुलाकात धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष से उस समय हुई थी, जब वे सतना सेंट्रल जेल में वारंट इंचार्ज के रूप में कार्यरत थीं। वहीं अभिलाष जेल के भीतर वारंट से जुड़े कार्यों में सहयोग करता था। लगातार संपर्क और बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और समय के साथ यह रिश्ता प्यार में बदल गया।

14 साल जेल में रहा अभिलाष
धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष वर्ष 2007 के चर्चित कृष्णदत्त दीक्षित हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था। उसे उम्रकैद की सजा मिली थी और करीब 14 वर्षों तक जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों का संपर्क बना रहा, जिसके बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला लिया।
परिवार नहीं पहुंचा, VHP नेता ने निभाई अभिभावक की भूमिका
इस शादी की एक खास बात यह भी रही कि फिरोजा खातून के परिवार के सदस्य विवाह समारोह में शामिल नहीं हुए। ऐसे में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा और उनकी पत्नी ने विवाह में माता-पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान की रस्म पूरी की। समारोह में बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

इलाके में चर्चा का विषय बनी शादी
धर्म, पेशा और अतीत—तीनों वजहों से यह शादी अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस अनोखी प्रेम कहानी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे प्यार और भरोसे की मिसाल बता रहा है, तो कोई इसे सामाजिक बंधनों से ऊपर उठकर लिया गया फैसला मान रहा है।
जेल की चारदीवारी के भीतर शुरू हुई यह कहानी अब शादी के बंधन तक पहुंच चुकी है और लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।




